अनपेक्षित जगह पर ईश्वर से मुलाकात

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इस गवाही को रिकोर्डिंग में से सुनकर लिखने का कार्य प्रगति पर है। अभी इस काम में बहुत समय लगना शेष है, इसलिये परमेश्वर की प्रेरणा से हम इसे अभी रिकोर्डिंग के रूप में ही यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि इसे सुनकर आप आशीष पा सकें।
 जब तक लिखने का काम होता है, आप यहाँ mp3 सुन सकते हैं और परमेश्वर के महान कामों की एक बानगी यहाँ देख सकते हैं।

यह जीवित साक्षी इस बात का प्रमाण है कि जीवित परमेश्वर किसी जगह से बंधा हुआ नहीं है, अपितु अनपेक्षित जगहों पर मिलने वाला वो हमारा सृष्टिकर्ता ईश्वर है जो हमसे प्यार करता है।

संजय भाई एक हिंदू (सिंधी) परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनक बड़े भाई श्री राजकुमार 1990 में अपना व्यवसाय शुरू करने के इरादे से दुबई आये। और 1995 में काम बढ़ जाने पर उन्होंने संजय भाई को भी बुलवा लिया।  

Sanjay Arora

धीरे धीरे उनका बिजनेस बढ़ता गया ऐसा भी समय आ गया जब उनके पास होलसेल की तीन दुकानें थीं।उनके पास दौलत और ऐशो-आराम बढ़ते गये और साथ ही बढती गई उनकी कुछ ऐसी आदतें जिन्हें अच्छा नहीं कहा जा सकता। उन्होंने सिगरेट पीना, शराब पीना, गाली बकना तथा झगड़े करना ऐसे कई काम शुरू कर दिये। वो डिस्को तथा बार में भी जाने लगे। उन्हें अपने आप पर घमण्ड हो गया कि वो कुछ भी कर सकते थे।

जब वो परमेश्वर से बहुत दूर दूर चलते थे और अपने जीवन के ऐशो-आराम में समय बिताते जा रहे थे, तभी अचानक उनके परिवार पर आफतों का पहाड़ टूट पड़ा। 2002 में उनकु एक दुकान में आग लग गई, 2003 में उनके पिताजी चल बसे और 2004 तक आते आते उनकी सारी दुकानें बंद हो गई और वे आर्थिक रूप से टूट गये। आफतों का ऐसा आसमान फट पड़ा कि कर्ज़ का पैसा मांगने वालों की जैल की धमकियों से डरकर वे रातोंरात भारत चले गये।

फिर भी 2005 में अपने बिज़नेस को ठीक करने और कर्ज़ा चुकाने की नियत से जब वे फिर से दुबई आये तो उनके खिलाफ कई रिपोर्ट की जा चुकी थीं जिनके कारण एयरपोर्ट से ही उनको पकड़ लिया गया और उन पर केस चले। उन्हें जेल की भी मुँह देखना पड़ा और फिर उनका समय कैसे कैसे गुजरा और परमेश्वर ने उनको और उनकी परिस्थितियों को कैसे बदला और कैसे उनका साक्षात्कार जीवित ईश्वर प्रभु यीशु के साथ हुआ यह जानने के लिये उनकी अपनी आवाज़ में उनकी गवाही सुनिये


सुनें :

संजय भाई की कहानी, संजय भाई की जुबानी
(लाइव)


देखें :

संजय भाई के लिये शिष्य थॉमसन द्वारा लिखा गया गीत


प्रिय पाठक, क्या आप जानते हैं कि यीशु मसीह परम-सत्य हैं, परम-ईश्वर हैं, परमात्मा हैं जो सभी परिस्थितियों और तकलीफों से ऊपर हैं और हमें इन सभी बातों से छुटकारा दिला सकते हैं। उनके पास जीवन देने और लेने का अधिकार है, उनके पास हमारे पाप-क्षमा करने का भी अधिकार है। मोक्ष (उद्धार) उनके द्वारा ही हो सकता है। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप किस धर्म में पैदा हुए हैं, आप प्रभु यीशु पर विश्वास करें और आशीष पायें।

यदि इस गवाही को पढ़ने से आपके विश्वास में वृद्धी हुई है या आप अब यीशु मसीह पर विश्वास करने लगे हैं और उसे अपने उद्धारकर्ता के रूप में अपनाने के लिये तैयार हैं तो निम्न प्रार्थना करें

“प्रिय परमेश्वर, आज मैंने जाना है कि आप मृत्यु, जीवन, बीमारी, संकट तथा पाप से छुड़ाने वाले ईश्वर हैं। मैं जानता हूँ कि मैं पापी हूँ, और पाप लेकर मैं आपके सामने नहीं आ सकता और न ही स्वर्ग में रह सकता हूँ। इसलिये मैं अपने पापों से मन फिराकर आपसे क्षमा मांगता हूँ। कृपया मेरे पापों को माफ कर दीजिये और मेरे जीवन का नियंत्रण अपने हाथों में ले लीजिये। प्रभु यीशु के नाम से मांगता हूं। आमीन”

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