Sermon Outlines,  Sermons

Sermon Outline – Our identity in Christ

Example – being a foreigner in a land, we learn the culture and lifestyle gradually

Christ has ushered us in his kingdom – Colossians 1:13

Paul’s declaration of his ‘new identity’ – Galatians 2:20
Great exchange on the cross – 2 Corinthians 5:17, 21

In Christ, our identity is changed:
– become children of God – John 1:12
– become bride of Christ – Ephesians 5:25-27, Revelations 21:2, 2 Corinthians 11:2
– become the light of the World – Matthew 5:14, Ephesians 5:8
– become ambassador of Christ – 2 Corinthians 5:20, 1 Peter 2:9

Other references:
Malachi 3:17
2 Corinthians 5:21
Revelation 2:17

Example of a pirate ship (watch the video)

Satan will try hard to convince us against our new identity in Christ. What should we do:
2 Corinthians 10:5
James 4:7

मसीह में हमारी पहचान क्या है?

उदाहरण – विदेश में जाकर रहना: हम धीरे-धीरे वहाँ की संस्कृति और तौर-तरीके सीखते हैं

प्रभु यीशु ने हमें अंधकार (पाप) के राज्य से रोशनी (पवित्रता) के राज्य में प्रवेश कराया है – कुलुस्सियों 1:13

पौलुस अपनी नई पहचान के बारे में बताता है – गलातियों 2:20
मसीह ने क्रूस पर एक बड़ा सौदा किया – हमारा पाप ले लिया और अपनी पवित्रता दे दी – 2 कुरिन्थियों 5:17, 21

मसीह में हमारी पहचान बदल जाती है:
– हम परमेश्वर की संतान बन जाते हैं – यूहन्ना 1:12
– हम परमेश्वर की दुल्हन बन जाते हैं – इफिसियों 5:25-27, प्रकाशितवाक्य 21:2, 2 कुरिन्थियों 11:2
– हम दुनिया का नूर (जगत की ज्योति) बन जाते हैं – मत्ती 5:14, इफिसियों 5:8
– हम मसीह के राजदूत बन जाते हैं – 2 कुरिन्थियों 5:20, 1 पतरस 2:9

अन्य वचन:
मलाकी 3:17
2 कुरिन्थियों 5:21
प्रकाशितवाक्य 2:17

एक समुद्री डाकू का उदाहरण (कृपया विडियो देखें)

शैतान भरसक प्रयास करता है कि हम मसीह में अपनी पहचान को भूल जायें। हमें क्या करना चाहिये:
2 कुरिन्थियों 10:5
याकूब 4:7