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जब से मैंने प्रभु यीशु को अपना प्रभु कर जाना, मेरे मन में हमेशा से इच्छा थी कि मैं परमेश्वर की आराधना किसी वाद्य यंत्र (खासतौर पर गिटार) के साथ कर सकूँ। हमारे पास्टर साहब के सुपुत्र रेनी और मैं दिल्ली में साथ रहा करते थे और वो बहुत अच्छे गिटार बजाने वाले हैं। मैंने बहुत प्रयास किया पर मैं गिटार की ए बी सी डी भी नहीं सीख सका। मैं सोचता था कि गिटार सबसे मुश्किल साज़ है और मैं इसके कभी नहीं सीख सकता।

शारजाह आने के बाद जब मैं भाई शिष्य थॉमसन से मिला तो उन्होंने कहा कि गिटार सबसे आसान साजों में से एक है। उन्होने मुझे इससे जुड़ी कुछ खास बातें और आसान कोर्ड बताये। मैंने उनके साथ कुछ दिन प्रयास किया और उन्होने मुझे एक परिचित गीत के कोर्ड लिख कर दिये और कुछ ही दिनों में उस गीत पर मैं गिटार बजाने लगा। तब मुझे लगने लगा कि मैं भी यह कर सकता हूँ।

 "यदि तुम में से कोई ... आनंदित है, तो वह स्तुति के भजन गाये"

[याकुब 5:13]

मैंने इंटरनेट से काफी जानकारी डाउनलोड की और गिटार सीखने लगा। यदि गीत के कोर्ड लिखे हों तो मेरे लिये प्रभु की आराधना में और सेवा कार्य में गिटार का उपयोग आसान लगने लगा। इसलिये मैंने हिंदी गीतों के कोर्ड ढूंढने की बहुत कोशिश की पर मुझे नहीं मिले। मैं गिटार का मास्टर नहीं बनना चाहता परंतु प्रभु की सेवा के लिये इसे इस्तेमाल करना चाहता था। प्रभु ने मेरी प्रार्थनाओं को सुना और मुझे सिखाया।

परमेश्वर की ही प्रेरणा से मैंने यह पेज बनाया है ताकि वे जो मेरी तरह अपने प्रभु से प्यार करते हैं और उसकी आराधना और सेवा तारदार साजों से करना चाहते हैं वो यहाँ से शुरूआत कर सकें। आप उनके लिये और मेरे इस नम्र प्रयास के लिये प्रार्थना कर सकते हैं।


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"The Lord was ready to save me: therefore we will sing my songs to the stringed instruments all the days of our life in the house of the Lord."

[Isaiah 38:20]