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मेरी आँखें खोलो यीशु मसीह
[D]मेरी आँखें खोलो यीशु मसीह,
हम भटक रहे अंधि[A]यारे में
[G]ज्योति दिलाओ,
[A]प्यारे प्रभु जी, ले आओ
[D]उजियारे में
[D]हम हैं लाचार और गिरे हुए
जग [G]में निर्बल और
[A]दबे
[D]हुए
तुम शक्तिमान प्रभु यीशु,
हम शरण तुम्हारे
[A]आये हैं
[G]ज्योति दिलाओ...
[D]ये पाप हमें दुख देते हैं
हर [G]पग हम गिरते[A] उठते[D] हैं
तुम परम पिता हो हमारे प्रभु
हम शरण तुम्हारे
[A]आये हैं
[G]ज्योति दिलाओ...
[D]परमात्मा का तुम दान करो
मेरे [G]जीवन का
[A]बलिदान
[D]करो
दुनिया पर विजय की शक्ति दो,
हमें मरण के भय से
[A]मुक्त करो,
[G]ज्योति दिलाओ...
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