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खुदावंद अपने लोगों में आया है
[D]खुदावंद अपने
[C]लोगों में,
[D]आया है - 2
पाक रूह का पहरा हरसू
[Em]छाया है
[C]वो आया है,
[D]यीशु आया है
[D]दुश्मन सारे भागेंगे, हालेलुयाह
बंधन सारे टूटेंगे, हालेलुयाह
दुश्मन सारे भागेंगे,
बंधन सारे टूटेंगे,
[Em]क्योंकि उसने डेरा अपने
[C]लोगों में लगाया है,
[D]यीशु आया है...
[D]अंधी आँखें देखेंगी, हालेलुयाह
मुर्दा रूहें जागेंगी, हालेलुयाह
अंधी आँखें देखेंगी,
मुर्दा रूहें जागेंगी,
[Em]जिंदगी में उम्मीदों की
[C]शम्मा को जलाया है,
[D]यीशु आया है...
[D]सूली पर वो मुआ है, हालेलुयाह
वो ही प्यार का रस्ता है, हालेलुयाह
सूली पर वो मुआ है,
वो ही प्यार का रस्ता है,
[Em]जान देकर कलवरी प
[C]खून भी बहाया है,
[D]यीशु आया है..
[D]अब्दी जीवन देने को, हालेलुयाह
अब्दी खुशी देने को, हालेलुयाह
अब्दी जीवन देने को,
अब्दी खुशी देने को,
[Em]उसने सारे इंसानों को,
[C]अपने पास बुलाया है
[D]यीशु आया है...
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