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यीशु को छोड़कर
मैं
[D]यीशु को छोड़ कर मैं, कहाँ
[Em]जाऊँगा
[G]किस दर पे जाके अपना,
[A]सिर झुकाऊँगा[D]
[D]पूरब में जाऊँ तो, वहाँ पर तू
[G]है
[Em]पश्चिम में जाऊँ तो,
[A]वहाँ पर भी
[D]है
उत्तर और दक्षिण में भी मौजूद
[Em]है
[G]चारों दिशाओं को
[A]थामे हुए[D]
यीशु को...
[D]पहाड़ों में वादियों में, तेरा काम
[G]है
[Em]नदी समुंद्र में भी
[A]तेरा हाथ
[D]है
पैड़ों और पौधों में भी तेरी सोच
[Em]है
[G]कितना विशाल मेरा
[A]यीशु तू
[D]है
यीशु को...
[D]पापों से मन फिराया, मेरे अंदर यीशु
[G]आया
[Em]ईमान यीशु पे लाया,
[A]जीवन अनंत
[D]पाया
परमेश्वर का पावन पुत्र यीशु तू
[Em]है
[G]मेरा परमेश्वर
[A]यीशु
ही [D]है
यीशु को...
[D]जहाँ मैं जाऊँ मेरे, संग संग यीशु
[G]रहता
[Em]अपने हाथों से मेरी,
[A]रक्षा है यीशु करता
आगे और पीछे से वो घेरे मुझे
[Em]हैं
[G]दायें और बायें से
[A]भी थामें हुए
यीशु को...
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