|
ओहो मसीह आया ज़मी पर
मसीह आया ज़मीं पर
खुशी होती है,
ओहो खुशी होती है
सारे आसमां
(दोबारा)
आसमां - 5
(दोबारा)
ओहो, मसीह आया...
अपने गल्ले की करते रखवाली
गड़रिये बारी बारी
हो जैसे पासबाँ
(दोबारा)
पासबाँ - 5
ओहो मसीह...
इक चमका सितारा बड़ावाला
कि जिससे हुआ रोशन
तमाम वो मैदान
(दोबारा)
वो मैदान - 5
ओहो मसीह...
इक लश्कर तब आया आसमानी
सुनाई स्वर्गीय वाणी
बहुत ही खुश इहलान
(दोबारा)
खुश इहलान - 5
मसीह आया...
रब को ऊपर बड़ाई
नीचे सुलह सलामती हो
मिन्नत हो राज़ी सब इंसान
(दोबारा)
सब इंसान - 5
ओहो मसीह...
|